एहसास
आजकल आपसे बात करणे की आदत हो गई है.
जैसे पुराने लम्हे फिर आ गये है.
मिले तो कई दिनो बाद पर आपणापण तो जैसे कल का ही लग रहा है.
एक अनजानी खुशी मिल रही है.
यु खिलाये आपणे ऐसै तराने की आपसे बात करणे की चाहत हो गई है.
बस युही चले अपणा ये याराना, मिलते रहे और बाटे खुशी का तराना.
मिलके ऐसा लगा आपसे, की जवाॅ तो आप है हम तो आपके हमउम्र है.
बस अब कभी ना छुठे ये दिल का नाता. खुषी से निभायंगे ये दोस्ती का रिश्ता.
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