To supriya on bahubij

              सुप्रिया साठी एक छोटीशी शायरी
जैसे हर एक दिन एक जैसा नही होता, हर इंसंन एक जैसा नही होता। 
जशन मनाते है सभी, आपका अंदाज सबके जैसा नही होता
जशन मनाना कोई अपसे सिखे, माहोल बनाना कोई अपसे सिखे,
हर कोई सिस्टर खास  है होती, मगर हमे खास मेहसुस काराये ऐसी सिस्टर आप जैसी कोई नही होती।

                       आपका भाई जय 

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