*सर्विस सेल्स अँड क्रिकेट*
*सर्विस सेल्स अँड क्रिकेट*
यहा पे क्रिकेट और बिझनेस को एक दुसरे के साथ रिलेट किया है वो मैं आपको सुनाता हू.
टेस्ट मॅच 90 ओव्हर का होता है और हमारे क्वार्टर 90 दिन के होते है,
फील्ड सर्विस टीम हमेशा 2nd बॅटिंग करती है, क्योंकी वो हमेशा टार्गेट चेस करते है..
हमारे कस्टमर हमारे बॉलर्स होते है.
उनकी गेंदे हमारे लिये enquiry होती है. उसे बॅट से हिट कराना मतलब PO में कन्व्हर्ट करना होता है.
बॉल को सीमा रेषा की बाहर भेजना मतलब रेव्हेन्यू होता हैं.
हमारे फायनान्स, लीगल अँड ऑपरेशन टीम फील्ड के दो अंपायर होते है. जो हर बॉल को चेक कर के गुड बॉल है, या वाईड है ये डीसाइड करते है.
बीच मैदान मे, PO checking, बुकिंग, मटेरियल अवेलबिल्टी, डॉक्युमेंट्शन, पेमेंट टर्म, ये सब फिल्डर होते है,
सबसे बेस्ट फिल्डर पेमेंट कलेक्शन होता है जो बॉन्ड्री पे खडा होता है, और कभी कभी रेव्हेन्यू के सिक्स को वापस अक्युरल और डिफरल के रूप में सीमारेषा के अंदर भेजता है.
यहापे थर्ड एम्पायर के रूप में AR होता है जो कितने रन देने ये decide करता हैं.
हमारे मॅनेजर और GM नॉन स्ट्रायकर एंड पे खडे बॅट्समेन होते है.
जो हमे कोणसा बॉल कैसे खेलना है, ये गाईड करते है. और कभी कभी स्ट्रायक पे आकर स्कोअर बढाने मे मदत करते है.
हमारे डायरेक्टर हमारे कॅप्टन है जो हमे कब रफ्तार बढनी है ये बताते है.
HR हमारी सिलेक्शन कमिटी होती है जो बेस्ट प्लेयर को चून कर लाती है और हर टीम को जीतने का मोका देती है..
और...90 दिन के बाद अगर पुरे रन नही बनते तो फॉलोवॉन के साथ अगला रन चेस फिर शुरू हो जाता है. फिर शुरू होता है...
Thank you..
Jayant jagtap
Mindset is as important as skilset.
Postive सोच बहुत जरुरी होती है.. इससे आपका mindset बनता है.. आपके पास कितना भी बढिया skilset क्यूँ ना हो.. जबतक उसे सही mindset ka wheel नहीं मिलता गाडी आगे नही बढती..
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